16 दिसंबर 2020 - 17:00
ईरान परमाणु समझौते में शामिल देशों की वर्चुअल बैठक, समझौते को बचाने का प्रयास

ईरान परमाणु समझौते में बाक़ी रहने वाले देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस समझौते को बचाने के प्रयासों के तहत वर्चुअल बैठक की है।

ईरान और समझौते में शामिल दुनिया की पांच बड़ी शक्तियों के वरिष्ठ राजनयिकों ने इस ऑनलाइन मुलाक़ात में परमाणु समझौते की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की है, जो अमरीका के नए राष्ट्रपति जो बाइडन की सहमति के संकेतों के बावजूद, ख़तरे में है।

ईरान और विश्व की 6 शक्तियों के बीच, वर्षों की गहन वार्ता के बाद जुलाई 2015 में परमाणु समझौता हुआ था, जिसके तहत तेहरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना था, बदले में अमरीका समेत समझौते में शामिल देशों को आर्थिक प्रतिबंध हटाकर ईरान के साथ आर्थिक सहयोग करना था।

लेकिन अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने मई 2018 में इस समझौते से निकलने का एलान कर दिया और तेहरान के ख़िलाफ़ अपनी तथाकथित अधिकतम दबाव की नीति के तहत फिर से कड़े प्रतिबंध लगा दिए।

अमरीकी प्रतिबंधों और यूरोपीय देशों द्वारा समझौते पर अमल नहीं करने के कारण, ईरान ने भी अपनी प्रतिबद्धताओं में कमी कर दी।

लेकिन पिछले महीने ईरान के प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक की हत्या के बाद, ईरानी संसद ने एक बिल पारित करके सरकार से कहा है कि अगर अगले दो महीनों के दौरान प्रतिबंध नहीं हटते हैं तो वह आईएईए के साथ सहयोग बंद कर दे और परमाणु कार्यक्रम का विस्तार करे।

जेसीपीओए पर वर्चुअल चर्चा में शामिल रूस के राजनयिक मिख़ाइल उलियानोव ने ट्वीट करके कहा है कि समझौते में शामिल देशों के प्रतिनिधियों ने समझौते के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता जताई है और इसे पूरी तरह से लागू करने के लिए ज़रूरी क़दम उठाने पर बल दिया है।